आरोग्यसुधा

योग चिकित्सा · आसन

सेतुबंध आसन

Setu Bandhasana — Bridge Pose

पीठ के बल लेट कर घुटने मोड़े जाते हैं, पैर ज़मीन पर टिके रहते हैं, और कूल्हों को ऊपर उठा कर कंधे-से-घुटने तक एक सेतु बनाया जाता है।

वैद्य आदित्य घोसल्या · Reg. No. NR/AY/RJ/0007555 (NCISM)

सेतुबंध आसन (Setu Bandhasana — Bridge Pose) — आरोग्यसुधा जयपुर में योग चिकित्सा आसन

कैसे करें

  1. 1.शांत, साफ़ जगह पर मैट बिछाएँ; वैद्य/प्रशिक्षक मार्गदर्शन में अभ्यास करें।
  2. 2.सेतुबंध आसन की स्थिति में धीरे श्वास लें — ज़बरदस्ती या दर्द नहीं।
  3. 3.शरीर की संवेदना सुनें; असुविधा पर रुकें या संशोधन करें।
  4. 4.अभ्यास के बाद विश्राम या शवासन — रीढ़ को सामान्य लंबाई में लौटाएँ।
  5. 5.नियमितता वैद्य योजना पर — रोज़ ज़ोरदार अभ्यास स्वयं न करें।

संभावित लाभ

  • पीठ के निचले भाग को बल तथा मानसिक शांति में सहायक माना जाता है।
  • निचली पीठ बल और शांति में सहायक माना जाता है — व्यक्तिगत प्रतिक्रिया भिन्न।
  • योग चिकित्सा योजना में चयनित मामलों में श्वास–चित्त समन्वय में सहायक।

विरोधाभास

  • गर्दन या कंधे की चोट में सिर व गर्दन पर भार न डालें।
  • गर्भावस्था, हाल की शल्यक्रिया, तीव्र रक्तचाप — वैद्य से पूछकर ही।

सावधानियाँ

  • पहली बार प्रशिक्षक/वैद्य की देखरेख में।
  • दर्द, चक्कर, तेज़ साँस फूलना पर तुरंत रुकें।

शास्त्रीय संदर्भ

सेतुबंध — सेतु — कई अभ्यासकों के लिए सुलभ हल्का पृष्ठभाग आसन। अयंगर क्रम में गहरे पृष्ठभाग से पहले। कंधे थोड़ा अंदर; जाँघ समानांतर — घुटने बाहर न फैलाएँ।

सेतुबंध आसन — अवलोकन

पीठ के बल लेट कर घुटने मोड़े जाते हैं, पैर ज़मीन पर टिके रहते हैं, और कूल्हों को ऊपर उठा कर कंधे-से-घुटने तक एक सेतु बनाया जाता है। आरोग्यसुधा (/yoga) पर यह आसन डॉ. घोसल्या की खेत शूटिंग से शैक्षिक संदर्भ है — निचली पीठ बल और शांति के लिए चयनित मामलों में योग चिकित्सा योजना में जोड़ा जा सकता है, वैद्य अनुमोदन के बाद।

शास्त्रीय संदर्भ

सेतुबंध — सेतु — कई अभ्यासकों के लिए सुलभ हल्का पृष्ठभाग आसन। अयंगर क्रम में गहरे पृष्ठभाग से पहले।

अयंगर शैली मार्गदर्शन

कंधे थोड़ा अंदर; जाँघ समानांतर — घुटने बाहर न फैलाएँ।

योग चिकित्सा संदर्भ — जयपुर

जयपुर–रामपुरा में आरोग्यसुधा योग चिकित्सा (/yoga) में सेतुबंध आसन व्यक्तिगत योजना का हिस्सा हो सकता है — घुटना, कमर, तनाव या एकाग्रता संदर्भ में वैद्य चयन। MA Yoga वैद्य आदित्य घोसल्या (Reg NR/AY/RJ/0007555) अनुमोदन के बाद। रोग ठीक करने की गारंटी नहीं।

श्वास और चित्त

पातंजलि योग-सूत्र में आसन प्राणायाम और ध्यान की तैयारी — चित्तवृत्तिनिरोध की दिशा। इस आसन में धीरे उज्जायी या प्राकृतिक श्वास; ज़ोरदार कपालभाति बिना वैद्य नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1.सेतुबंध आसन क्या है?

A. पीठ के बल लेट कर घुटने मोड़े जाते हैं, पैर ज़मीन पर टिके रहते हैं, और कूल्हों को ऊपर उठा कर कंधे-से-घुटने तक एक सेतु बनाया जाता है।

Q2.रोज़ करें?

A. वैद्य योजना पर — स्वयं रोज़ ज़ोरदार अभ्यास नहीं।

Q3.घुटने/पीठ दर्द में?

A. वैद्य मूल्यांकन आवश्यक — कुछ मामलों में सहायक, कुछ में परहेज़।

Q4.गर्भावस्था में?

A. अक्सर संशोधन या परहेज़ — केवल वैद्य निर्देश।

Q5.परिणाम गारंटी?

A. नहीं — सहायक माना जाता है; व्यक्तिगत प्रतिक्रिया भिन्न।

शैक्षिक जानकारी — स्वयं-अभ्यास या इलाज का दावा नहीं। वैद्य/प्रशिक्षक मार्गदर्शन अनिवार्य।

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