हिप बाथ / कटि स्नान
Hip Bath
एक विशेष टब में कमर तक ठंडे या गुनगुने जल में बैठा जाता है — पेट, पाचन व कटि-प्रदेश के अंगों को उद्दीपित करने में सहायक मानी जाती है।
पाचन, कब्ज़ व कटि-सम्बन्धी असुविधा।
गर्भावस्था व मासिक-धर्म के दौरान चिकित्सक से पूछकर ही करें।
स्पाइनल बाथ / स्पाइनल स्प्रे
Spinal Bath
रीढ़ की हड्डी पर जल-धारा दी जाती है या रीढ़ को जल में रखा जाता है — तंत्रिका-तंत्र को शांत करने में सहायक मानी जाती है।
तनाव, थकान व स्नायविक अशांति।
रीढ़ की गम्भीर चोट या हाल की शल्यक्रिया में न लें।
स्टीम बाथ
Steam Bath
भाप द्वारा पूरे शरीर का स्वेदन किया जाता है — पसीने के माध्यम से स्रोतों की सफाई में सहायक मानी जाती है।
शरीर में भारीपन, जकड़न व सर्दी-जुकाम की प्रारम्भिक अवस्था।
हृदय-रोग, उच्च रक्तचाप या गर्भावस्था में चिकित्सक से पूछकर ही लें।
सिट्ज़ बाथ
Sitz Bath (Hot-Cold)
बारी-बारी ठंडे व गर्म जल में बैठा जाता है — स्थानीय रक्त-संचार व उद्दीपन में सहायक मानी जाती है।
कटि व श्रोणि-प्रदेश की असुविधा।
गर्भावस्था में चिकित्सक से पूछकर ही करें।
गीली चादर लपेट
Wet Sheet Pack
गीली चादर में शरीर को लपेट कर फिर ढका जाता है — शरीर के ताप-नियंत्रण, विश्राम व डिटॉक्स-प्रक्रिया में सहायक मानी जाती है।
अत्यधिक ताप की अनुभूति, बेचैनी, अनिद्रा।
सदैव वैद्य/चिकित्सक की प्रत्यक्ष देखरेख में ही करें।
एनिमा / जल-बस्ति
Enema
गुनगुने जल से आँत की सफाई की जाती है — कब्ज़ व आँत की शुद्धि में सहायक मानी जाती है।
कब्ज़ व आँत सम्बन्धी असुविधा।
बवासीर की तीव्र अवस्था, आँत की सूजन या गर्भावस्था में चिकित्सक से पूछकर ही लें।
फुट/आर्म बाथ
Foot / Arm Bath
पैर या हाथ को ठंडे/गर्म जल में डुबोया जाता है — स्थानीय रक्त-संचार, थकान व सिर-दर्द में सहायक मानी जाती है।
थकान, सिर-दर्द, पैरों-हाथों की ठंडक।
मधुमेह में पैरों की त्वचा-संवेदनशीलता के कारण जल का तापमान चिकित्सक से जँचवा लें।