योग चिकित्सा · आसन
पद्मासन
Padmasana — Lotus Pose
दोनों पैरों को विपरीत जंघा पर रखकर, रीढ़ सीधी रख कर बैठा जाता है — ध्यान व प्राणायाम के लिए शास्त्रों में सर्वाधिक वर्णित आसन। हठयोग प्रदीपिका में ध्यान-आसन के रूप में उल्लेख।
वैद्य आदित्य घोसल्या · Reg. No. NR/AY/RJ/0007555 (NCISM)

कैसे करें
- 1.शांत, साफ़ जगह पर मैट बिछाएँ; वैद्य/प्रशिक्षक मार्गदर्शन में अभ्यास करें।
- 2.पद्मासन की स्थिति में धीरे श्वास लें — ज़बरदस्ती या दर्द नहीं।
- 3.शरीर की संवेदना सुनें; असुविधा पर रुकें या संशोधन करें।
- 4.अभ्यास के बाद विश्राम या शवासन — रीढ़ को सामान्य लंबाई में लौटाएँ।
- 5.नियमितता वैद्य योजना पर — रोज़ ज़ोरदार अभ्यास स्वयं न करें।
संभावित लाभ
- मन की स्थिरता व एकाग्रता में सहायक माना जाता है।
- ध्यान आसन और प्राणायाम आधार में सहायक माना जाता है — व्यक्तिगत प्रतिक्रिया भिन्न।
- योग चिकित्सा योजना में चयनित मामलों में श्वास–चित्त समन्वय में सहायक।
विरोधाभास
- घुटने या टखने में चोट/जकड़न में बिना अभ्यास ज़बरदस्ती न करें; सुखासन से आरम्भ करें।
- गर्भावस्था, हाल की शल्यक्रिया, तीव्र रक्तचाप — वैद्य से पूछकर ही।
सावधानियाँ
- पहली बार प्रशिक्षक/वैद्य की देखरेख में।
- दर्द, चक्कर, तेज़ साँस फूलना पर तुरंत रुकें।
शास्त्रीय संदर्भ
हठयोग प्रदीपिका में ध्यान-आसन के रूप में उल्लेख। पातंजलि योग-सूत्र II.46 में आसन स्थिर व सुखद — पद्मासन ध्यान व प्राणायाम का शास्त्रीय आसन जब कूल्हे अनुमति दें। बी.के.एस. अयंगर की Light on Yoga में पूर्ण पद्मासन से पहले कूल्हे खोलने की सावधानी — सुखासन या अर्ध पद्मासन तैयारी।
पद्मासन — अवलोकन
दोनों पैरों को विपरीत जंघा पर रखकर, रीढ़ सीधी रख कर बैठा जाता है — ध्यान व प्राणायाम के लिए शास्त्रों में सर्वाधिक वर्णित आसन। हठयोग प्रदीपिका में ध्यान-आसन के रूप में उल्लेख। आरोग्यसुधा (/yoga) पर यह आसन डॉ. घोसल्या की खेत शूटिंग से शैक्षिक संदर्भ है — ध्यान आसन और प्राणायाम आधार के लिए चयनित मामलों में योग चिकित्सा योजना में जोड़ा जा सकता है, वैद्य अनुमोदन के बाद।
शास्त्रीय संदर्भ
हठयोग प्रदीपिका में ध्यान-आसन के रूप में उल्लेख। पातंजलि योग-सूत्र II.46 में आसन स्थिर व सुखद — पद्मासन ध्यान व प्राणायाम का शास्त्रीय आसन जब कूल्हे अनुमति दें।
अयंगर शैली मार्गदर्शन
बी.के.एस. अयंगर की Light on Yoga में पूर्ण पद्मासन से पहले कूल्हे खोलने की सावधानी — सुखासन या अर्ध पद्मासन तैयारी।
योग चिकित्सा संदर्भ — जयपुर
जयपुर–रामपुरा में आरोग्यसुधा योग चिकित्सा (/yoga) में पद्मासन व्यक्तिगत योजना का हिस्सा हो सकता है — घुटना, कमर, तनाव या एकाग्रता संदर्भ में वैद्य चयन। MA Yoga वैद्य आदित्य घोसल्या (Reg NR/AY/RJ/0007555) अनुमोदन के बाद। रोग ठीक करने की गारंटी नहीं।
श्वास और चित्त
पातंजलि योग-सूत्र में आसन प्राणायाम और ध्यान की तैयारी — चित्तवृत्तिनिरोध की दिशा। इस आसन में धीरे उज्जायी या प्राकृतिक श्वास; ज़ोरदार कपालभाति बिना वैद्य नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1.पद्मासन क्या है?
A. दोनों पैरों को विपरीत जंघा पर रखकर, रीढ़ सीधी रख कर बैठा जाता है — ध्यान व प्राणायाम के लिए शास्त्रों में सर्वाधिक वर्णित आसन। हठयोग प्रदीपिका में ध्यान-आसन के रूप में उल्लेख।
Q2.रोज़ करें?
A. वैद्य योजना पर — स्वयं रोज़ ज़ोरदार अभ्यास नहीं।
Q3.घुटने/पीठ दर्द में?
A. वैद्य मूल्यांकन आवश्यक — कुछ मामलों में सहायक, कुछ में परहेज़।
Q4.गर्भावस्था में?
A. अक्सर संशोधन या परहेज़ — केवल वैद्य निर्देश।
Q5.परिणाम गारंटी?
A. नहीं — सहायक माना जाता है; व्यक्तिगत प्रतिक्रिया भिन्न।
शैक्षिक जानकारी — स्वयं-अभ्यास या इलाज का दावा नहीं। वैद्य/प्रशिक्षक मार्गदर्शन अनिवार्य।
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